गीता बालमुचू…हार नहीं मानूंगी रार नयी ठानूंगी
ऐसे राजनीतिक रण में बनाया गया सेनापति जहां खोने को कुछ भी नहीं जिस कोल्हान में कभी हर तरह लहराता था भगवा, वहां अब सिर्फ तीर धनुष गीता का जीवन ऐसा कि बेहद प्रतिकूल हालात से भी सफल वापसी का माद्दा अश्विनी रघुवंशी 2004 में झारखंड विधानसभा के चुनाव होने वाले थे। झारखंड बनने के…
