गीता बालमुचू…हार नहीं मानूंगी रार नयी ठानूंगी

ऐसे राजनीतिक रण में बनाया गया सेनापति जहां खोने को कुछ भी नहीं जिस कोल्हान में कभी हर तरह लहराता था भगवा, वहां अब सिर्फ तीर धनुष गीता का जीवन ऐसा कि बेहद प्रतिकूल हालात से भी सफल वापसी का माद्दा अश्विनी रघुवंशी 2004 में झारखंड विधानसभा के चुनाव होने वाले थे। झारखंड बनने के…

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झारखंड की चुनावी राजनीति में हेमंत सोरेन का कोई जवाब नहीं

घाटशिला में चंपई की आंखों में दो बार आ गए आंसू, नहीं मिली सहानुभूति है कल्पना सोरेन ने फिर साबित किया, उनमें जनता से सीधे संवाद की खास कला सोमेश को जनता ने सुनाया पुराना तराना, भोलापन तेरा भा गया सादगी पर तेरी मरते हैं घाटशिला से निकली जनता की आवाज झारखंड में दूर तलक…

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