मानव संसाधन के शीर्ष अफसर अतरई सान्याल एवं जुबीन पालिया संग बैठे यूनियन प्रतिनिधि
एमजीबी, डीए में बढ़ोत्तरी, नए एलाउंस जैसे कई मसलों पर सहमति बनना नहीं होगा आसान
टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट के वेज रिवीजन से भी जुड़ा है कलिंगा नगर के मजदूरों का भविष्य

अश्विनी रघुवंशी
टाटा स्टील के कलिंगा नगर प्लांट में वेज रिवीजन के प्रबंधन और मान्यता प्राप्त टाटा स्टील कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन के बीच औपचारिक वार्ता की शुरुआत हो गई। टाटा स्टील के मानव संसाधन विभाग की चीफ पीपुल अफसर अतरई सान्याल और जुबीन पालिया के साथ कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों की लंबी बैठकी हुई। बैठक की समाप्ति के बाद यूनियन प्रतिनिधि बाहर आए तो साफ इशारा मिला कि वेज रिवीजन की वार्ता कई महीनों तक चल सकती है। कारण कि कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन ने तर्कसंगत तरीके से टाटा स्टील प्रबंधन के सामने इतनी मांगें रखी है कि आपसी सहमति बनना इतना आसान नहीं होगा।
टाटा स्टील कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष रवींद्र जामुदा के नेतृत्व में महामंत्री जगबंधु महंता, कार्यकारी अध्यक्ष दामोदर हेस्सा, उपाध्यक्ष जयराम महंता, सहायक सचिव मांगीलाल तियू और कोषाध्यक्ष अखिल महंता ने मानव संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ वेज से जुड़े चार्टर ऑफ डिमांड पर बातचीत की। टाटा स्टील के अधिकारियों ने बताया कि 2030 में टाटा स्टील की खनिज अयस्क की खदानों को लेकर संकट हो सकता है। उत्पादन लागत बढ़ सकती है। चुनौती कठिन है। इसलिए वेज रिवीजन जैसे बड़े मसले पर कोई भी समझौता करने के पहले दूरदर्शिता दिखानी होगी।

वेज रिवीजन से जुड़े इन मसलों पर अभी किंतु परंतु
- टाटा स्टील के कलिंगा नगर प्लांट के कर्मचारियों के डीए के प्रति प्वाइंट वैल्यू बढ़ाने की मांग लगातार उठ रही है। कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन भी यह चाहती है। जमशेदपुर में ओल्ड ग्रेड के कर्मचारियों का डीए प्रतिशत में बढ़ता है। एनएस ग्रेड को प्रति प्वाइंट वैल्यू के आधार पर डीए मिलता है। प्रति प्वाइंट वैल्यू 3 रुपए है।
- कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन चाहती है कि एमजीबी (मिनिमम गारंटेड बेनिफिट्स) ऐसा होना चाहिए कि जमशेदपुर प्लांट के एनएस ग्रेड से बेहतर अथवा समान वेतनमान हो सके। यूनियन चाहती है कि जमशेदपुर प्लांट के कर्मचारियों की तरह कलिंगा नगर में भी एमजीबी मिलनी चाहिए।
- टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट के कर्मचारियों को कई तरह के एलाउंस मिलते हैं। कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन ने जमशेदपुर प्लांट में 2019 में हुए वेज समझौता की प्रति का अध्ययन किया है। यूनियन चाहती है कि कलिंगा नगर के कर्मचारियों को समान रूप से सारे एलाउंस मिलना चाहिए।
- टाटा स्टील कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन का एक और ठोस तर्क है। कहना है कि जमशेदपुर की तुलना में कलिंगा नगर प्लांट की उत्पादकता अधिक है। सेफ्टी के मानकों में भी जमशेदपुर की तुलना में कलिंगा नगर का प्रदर्शन बेहतर है। विस्तारीकरण भी समय से हुआ है। क्लब हाउस, स्पोर्ट्स या शिक्षा की सुविधा भी तुलनात्मक तौर पर कम है। क्लब की सदस्यता की सुविधा नहीं है। सो, वेतनमान को इतना बढ़ाया जाय कि इन सुविधाओं पर कलिंगा नगर के कर्मचारी खर्च कर सके।
- सबसे अहम। टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में वेज रिवीजन को लंबित हुए एक साल से अधिक समय हो चुका है। अभी भी प्रबंधन और यहां की टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच की वार्ता कोई दिशा नहीं पकड़ सकी है। कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन की निगाहें जमशेदपुर प्लांट के वेज रिवीजन समझौते पर है। जमशेदपुर प्लांट की टाटा वर्कर्स यूनियन यह देखने में लगी है कि कलिंगा नगर में क्या होता है। जाहिर है, वेज रिवीजन को लेकर जमशेदपुर और कलिंगा नगर प्लांट की यूनियनों में सांप सीढ़ी का खेल लंबा चल सकता है।
🖊️ लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं। दैनिक आवाज, चमकता आईना, दैनिक जागरण, दैनिक हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर में अहम पदों पर योगदान दिए हैं।
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