टाटा स्टील प्रबंधन और कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन के बीच हो गया समझौता
जेडीसी में प्रबंधन के शीर्ष अधिकारी होंगे तो यूनियन के प्रतिनिधियों को भी किया जाएगा शामिल
विभाग के सारे पहलुओं पर जेडीसी में होगा चिंतन, कर्मचारियों के मसले का भी तुरंत समाधान
जेडीसी की अवधारणा है कि प्रबंधन और यूनियन मिल कर हरेक मामले का निकाले उचित रास्ता

अश्विनी रघुवंशी
टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट की जेडीसी (प्रबंधन और मान्यता प्राप्त यूनियन की ज्वाइंट डिपार्टमेंट काउंसिल) की अवधारणा को अब कलिंगा नगर में भी लागू किया जाएगा। टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा स्टील कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन के बीच इस आशय का समझौता हो गया है। समझौता पत्र पर कंपनी और ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों ने दस्तखत कर दिए। जल्द ही कलिंगा नगर प्लांट के नौ विभागों में जेडीसी का गठन किया जाएगा।
टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में एक बार बड़ी हड़ताल हुई थी। इसके बाद यहां 1956 में ट्रेड यूनियन के साथ समझौता हुआ था। समझौता में यह व्यवस्था बनाई गई कि अब कारखाना में कभी हड़ताल नहीं होगी। मसला चाहे कोई भी हो, बातचीत से ही समाधान निकाला जाएगा। इसी समझौता के बाद जेडीसी का गठन करने की अवधारणा आई। इसके तहत कारखाना के भीतर हरेक विभागों में प्रबंधन और यूनियन के प्रतिनिधियों को मिला कर जेडीसी का गठन किया गया। यूनियन अध्यक्ष द्वारा हरेक विभागों के लिए यूनियन प्रतिनिधियों का मनोनयन किया जाता है। हरेक विभाग में समय समय पर जेडीसी की बैठक होती है। इसमें प्लांट के कामकाज की समीक्षा की जाती है। कर्मचारियों को उत्पादन कार्य में कोई समस्या आ रही है तो उसके निष्पादन पर भी विचार किया जाता है। जेडीसी के स्तर पर रक्तदान शिविर, पौधा रोपण, खेलकूद, गांवों को गोद लेने जैसे सीएसआर के कार्य भी किए जाते हैं। जेडीसी का कामकाज का दायरा व्यापक है। अहम बात यह है कि जेडीसी के सदस्य आपस में मिल कर किस तरह सोचते हैं।
जामुदा जिनके नाम की अनुशंसा करेंगे, उन्हें जेडीसी में मिलेगी जगह
जेडीसी में यूनियन प्रतिनिधियों के मनोनयन का अधिकार मान्यता प्राप्त यूनियन के अध्यक्ष के पास होता है। अभी टाटा स्टील कलिंगा नगर वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष रवींद्र जामुदा हैं। वे हरेक विभागों के लिए यूनियन प्रतिनिधि के नाम की सूची प्रबंधन को भेजेंगे। उसी आधार पर टाटा स्टील प्रबंधन द्वारा जेडीसी की सूची सार्वजनिक की जाएगी।
हरेक विभाग के लिए यूनियन के ऑफिस बेयरर्स को बनाया जाएगा प्रभारी पदाधिकारी
कलिंगा नगर कारखाना के भीतर जेडीसी का गठन करने के अलावा एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। हरेक विभाग के लिए यूनियन के ऑफिस बेयरर्स को प्रभारी पदाधिकारी बनाया जाएगा। उदाहरण के तौर पर सीआरएम के लिए यूनियन के किसी एक या दो ऑफिस बेयरर्स को प्रभारी बनाया जा सकता है। प्रभारी पदाधिकारी को अपने विभाग से जुड़े सारे मसले पर निगाह रखनी होगी। जेडीसी की बैठकों में भी उनकी भागीदारी हो सकती है।
🖊️ लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं
