बेहतर वेज नहीं तो डब्ल्यूआरएम के कर्मचारी छोड़ देंगे टाटा वर्कर्स यूनियन की सदस्यता

भारी दबाव के बीच कमेटी रणवीर सिंह के नेतृत्व में कारखाना में चलाया गया ऑनलाइन सर्वे अभियान

द हिंदुस्तानी रिपोर्टर।

टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में वेज रिवीजन में 18 माह की देरी के कारण कर्मचारियों के धैर्य का बांध टूटने लगा है। डब्ल्यूआरएम के कर्मचारियों ने बीते कुछ दिनों में कमेटी मेंबर रणवीर सिंह से लगातार इतना सवाल जवाब किया कि वे भी निरुत्तर हो गए। एनएस कर्मचारियों का दबाव है कि यदि बेहतर वेज नहीं हुआ तो सारे लोग टाटा वर्कर्स यूनियन की सदस्यता छोड़ देंगे। रणवीर सिंह ने उनके साथ हामी भरी। इसके बाद वेज के मसले पर ऑनलाइन सर्वे और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसमें दर्जनों कर्मचारियों ने भाग लिया। रणवीर सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने यूनियन के खिलाफ खोला मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि अनिश्चितता का माहौल खत्म होना चाहिए। उन लोगों के शांतिपूर्ण अभियान पर गौर नहीं किया गया तो भविष्य में यूनियन नेतृत्व पर यह बहुत भारी पड़ेगा।

::: कर्मचारियों के मुख्य मसले :::

18 महीने से लंबित वेज रिवीजन पर ठोस निर्णय ले

पिछले करीब 18 महीनों से लंबित वेतन संशोधन समझौता पर टाटा वर्कर्स यूनियन को जल्द से जल्द पारदर्शी और ठोस फैसला लेना चाहिए।

बेहतर न्यूनतम गारंटी लाभ (एमजीबी) तय हो

कर्मचारियों को सम्मान जनक और बेहतर मिनिमम गारंटीड बेनिफिट का लाभ मिलना चाहिए।

डीए का प्वाइंट वैल्यू बढ़ना चाहिए और भत्ते भी

महंगाई भत्ते (डीए) की प्रति प्वाइंट वैल्यू को सुधारा जाए और अच्छे भत्ते को वेज समझौता में शामिल किए जाएं।

एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के भविष्य का ध्यान रखे

एनएस ग्रेड के कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए वेज संशोधन में उनके साथ न्याय हो। उनके हितों को ठीक से देखा जाए।

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